हरिद्वार से कांवड़ का अंतिम दौर, ट्रैफिक संभालने में पुलिस के उच्च अधिकारियों ने संभाला मोर्चा


प्रशासन की कड़ी मशक्कत कांवड़ यात्रा अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है लेकिन कांवड़ियों की भारी भीड़ ने पुलिस और प्रशासन की चुनौती को और बढ़ा दिया है। हरिद्वार से आने वाले शिवभक्तों के साथ ही वापस लौट रहे कांवड़ियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए अधिकारी दिन-रात सड़कों पर मोर्चा संभाले हुए हैं। कोर कॉलेज से लेकर मंगलौर और नारसन बॉर्डर तक पुलिस व्यवस्था की कमान संभाल रहे एसपी काशीपुर स्वप्न किशोर सिंह भी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। इस दौरान कांवड़ियों की भीड़ में फंसे परीक्षा देने जा रहे कुछ छात्रों को उनके परीक्षा केंद्र तक सुरक्षित पहुंचाने में भी पुलिस ने मदद की। कांवड़ यात्रा के अंतिम दौर में हरिद्वार-रुड़की मार्ग पर शिवभक्तों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। कोर कॉलेज से मंगलौर और नारसन बॉर्डर तक व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे एसपी काशीपुर स्वप्न किशोर सिंह लगातार मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। कांवड़ियों की भीड़ के बीच परीक्षा देने जा रहे कुछ छात्र भी रास्ते में फंस गए थे। पुलिस ने उनकी परेशानी को समझते हुए उन्हें सुरक्षित तरीके से उनके परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में सहायता की।
वहीं नगला इमरती चौराहे पर भी कई अधिकारी और पुलिसकर्मी कड़ी धूप के बावजूद पूरी मुस्तैदी से डटे हुए हैं। यहां यह तय किया जा रहा है कि कांवड़ियों को किस मार्ग से आगे भेजा जाए और किस रास्ते से उन्हें बैरागी कैंप की ओर रवाना किया जाए, ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो और श्रद्धालुओं को भी किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना पुलिस प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। अंतिम चरण में भीड़ बढ़ने के कारण चुनौती जरूर बड़ी है, लेकिन पुलिस और प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ व्यवस्था संभालने में जुटा है।

