रुड़की में नहर पटरी पर एक दुकान को लेकर दो भाई आमने-सामने
नगर निगम के राजस्व निरीक्षक पहुंचे एक पक्ष को कब्जा दिलाने दूसरी पक्ष ने मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के दिखाई दस्तावेज बिना कब्जा दिलाए वापस लौटे निगम के अधिकारी

रुड़की के सिविल लाइंस स्थित गांधी वाटिका के बाहर एक दुकान पर कब्जे को लेकर उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब नगर निगम की टीम दुकान खाली कराने पहुंच गई। निगम की कार्रवाई का दुकान संचालक और उसके परिजनों ने जमकर विरोध किया। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी बहस होती रही, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।.मामला सिविल लाइंस स्थित नहर पटरी पर दुकान नंबर-2 का है, जहां “भूपेंद्र सर्विस सेंटर” के नाम से बाइक सर्विस सेंटर संचालित किया जा रहा है। नगर निगम की टीम राजस्व निरीक्षक गिरीश चंद सेमवाल के नेतृत्व में दुकान का कब्जा लेने पहुंची थी। कार्रवाई की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। नगर निगम का कहना है कि दुकान वर्ष 1994 में परमानंद के नाम आवंटित हुई थी और वर्तमान में उनके भाई भूपेंद्र सिंह अवैध रूप से इस पर कब्जा किए हुए हैं। निगम का दावा है कि परमानंद की शिकायत के आधार पर टीम दुकान खाली कराने पहुंची थी। वहीं दुकान संचालक भूपेंद्र सिंह और उनके पुत्र दीपक ने निगम की कार्रवाई को पूरी तरह गलत बताया। उनका कहना है कि परमानंद ने शपथ पत्र और नोटिस के माध्यम से वर्षों पहले दुकान उन्हें सौंप दी थी और तभी से वे लगातार दुकान चला रहे हैं। उनका दावा है कि दुकान का बिजली कनेक्शन भी भूपेंद्र सिंह के नाम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है और बिना किसी न्यायालयी आदेश के नगर निगम जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। साथ ही निगम कर्मचारियों पर अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। मौके पर बढ़ते विरोध और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए नगर निगम की टीम बिना कब्जा लिए वापस लौट गई। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि न्यायालय और नगर निगम इस विवाद में आगे क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल मामला कानूनी प्रक्रिया में बताया जा रहा है।
*बाइट- भूपेंद्र (दुकान स्वामी)*
*बाइट- दीपक कुमार (दुकान स्वामी)*
*बाइट- गिरीश चंद सेमवाल (निगम कर्मचारी)*

