रुड़की क्षेत्र के बाजूहेड़ी गांव में कस्तूरबा छात्रावास के बाहर ‘तालाब’-के पानी के साथ सांपों का भी खतरा,छात्राओं ने लगाई उच्च अधिकारियों से गुहार देखें वीडियो
ब्यूरो रिपोर्ट संदीप चौधरी
रुड़की के बाजुहेड़ी गांव स्थित कस्तूरबा गांधी महिला आवासीय छात्रावास में रहने वाली सैकड़ों छात्राओं की जिंदगी बारिश के साथ खतरे में पड़ गई है। हल्की सी बारिश होते ही छात्रावास के बाहर की सड़क तालाब में बदल जाती है। जलभराव इतना गंभीर हो जाता है कि छात्राएं न तो स्कूल जा पाती हैं और न ही सुरक्षित बाहर निकल पाती हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि भरे हुए पानी के साथ सांप और अन्य विषैले जीव छात्रावास तक पहुंच जाते हैं, जिससे छात्राओं में दहशत का माहौल बना हुआ है। कई बार शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। लगातार हुई बारिश के बाद छात्रावास के बाहर मुख्य मार्ग पूरी तरह पानी में डूब गया। सड़क पर कई-कई फीट तक पानी भरने से छात्रावास का संपर्क लगभग टूट गया। मजबूरी में छात्राओं को पूरे दिन छात्रावास के भीतर ही रहना पड़ा और वे विद्यालय तक नहीं पहुंच सकीं। जलभराव का असर अब उनकी पढ़ाई पर भी पड़ने लगा है। छात्राओं का कहना है कि यह परेशानी नई नहीं बल्कि वर्षों पुरानी है। हल्की बारिश होते ही सड़क पर पानी भर जाता है और वही पानी छात्रावास परिसर तक पहुंच जाता है। पानी के साथ सांप और अन्य विषैले जीव भी परिसर में घुस आते हैं, जिससे हर समय किसी अनहोनी का डर बना रहता है। छात्राओं ने कई बार अधिकारियों और ग्राम प्रधान से शिकायत की, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया। छात्रावास की केयरटेकर का कहना है कि लंबे समय से इस समस्या को लेकर प्रशासन और ग्राम प्रधान से अनुरोध किया जा रहा है, लेकिन किसी ने भी गंभीरता नहीं दिखाई। बरसात के दिनों में छात्रावास में रहना किसी खतरे से कम नहीं है। हर समय सांप और अन्य जहरीले जीवों के आने का डर बना रहता है।
*बाइट- पीड़ित छात्राएं 1,2*

